दिव्यांग हुए तो क्या हुआ! .....अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के सौरभ की स्वरचित कविता

दिव्यांग हुए तो क्या हुआ!

अरमान किसी से कम तो नहीं।।

माना हम तुमसे धीमे हैं पर

फिर भी तुम से कम तो नहीं।

तुम चलते हो, हम हम जमीन पर रेंगते हैं।

संघर्ष की आग में जलते हैं।।

बेशक़ तुमसे है उजालों पर

हम भी केवल तम तो नहीं।

माना हम तुमसे धीमे हैं पर_

फिर भी तुम से कम तो नहीं।

दया नहीं, सम्मान करो।

मुश्किल राहें आसान करो।।

बेशक़ तुम काफी सक्षम हो

लेकिन हम भी अक्षम तो नहीं।।

माना हम तुमसे धीमे हैं पर_

फिर भी तुम से कम तो नहीं।

सुगम्य बनाओ भारत को

फिर हम भी दिया जलायेंगे।

अक्षमता से सक्षमता की

मुख्यधारा में आयेंगे।।

माता पिता की ख़ातिर कुछ करने का

होंसला जज़्बा हम में कम तो नहीं।

माना हम तुमसे धीमे हैं पर_

फिर भी तुम से कम तो नहीं।


✍️ सौरभ तिवारी अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज

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