‘मोबाइल टन टनाटन टन’ नुक्कड़ नाटक सहित कई गैर शैक्षणिक गतिविधियों में दिखी बच्चों की प्रतिभा, बच्चों की 5 दिवसीय लेखनकार्यशाला का समापन
बाल कवि सम्मेलन में बच्चों ने पढ़ी स्वरचित कविताएं </code></pre> <!-- /wp:code --> अल्मोड़ा। गैर शैक्षणिक गतिविधियों से बच्चे काफी कुछ सीखते हैं। पाठ्यक्रम से इत्तर पुस्तकें बच्चों का दिमाग खोलने में सहायक होती हैं। बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी,बालसाहित्य संस्थान तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति अल्मोड़ा के संयुक्त तत्वावधान में सेंट एग्नेस जूनियर हाईस्कूल हीराडूंगरी में आयोजित बच्चों की लेखन कार्यशाला के समापन अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. निर्मल जोशी ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम से बाहर की पुस्तकों से बच्चों का मनोरंजन होने के साथ ही कुछ नया सीखने की ललक बच्चों के अंदर रहती है। उन्होंने बच्चों को बचपन से शुद्ध लेखन पर अभ्यास कराए जाने की जरूरत है। हस्तलिखित पत्रिका ‘सेंट ऐग्नस का लोकार्पण’ अल्मोड़ा मैग्नेसाइड के पूर्व एम डी पी.एस.रावत ने कहा कि बच्चों ने जिस आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुति दी है। इससे लगता है कि बच्चों के अंदर प्रतिभा है बस उन्हें अवसर दिए जाने की जरूरत है। इस अवसर पर आयोजित बाल कवि सम्मेलन में साक्षी, दीक्षा चंद्रा, हिमांशी ...