ओमान तट के पास तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत: भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध।

 ओमान तट के पास तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत: भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध


अमेरिका द्वारा ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक तेल टैंकर पर किए गए मिसाइल हमले में 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा ऐतराज जताते हुए अमेरिका के सामने आधिकारिक रूप से विरोध (Demarche) दर्ज कराया है और अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है।

यह घटना मध्य पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच हुई है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

क्या है पूरा मामला?

कब और कहां: 10 जून 2026 को ओमान के तट के पास।

किस जहाज पर हुआ हमला: यह हमला 'पलाऊ' (Palau) देश के झंडे वाले तेल टैंकर MT Settebello पर हुआ।

हमले का तरीका: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर अमेरिकी विमान से दो हेलफायर (Hellfire) मिसाइलें दागी गईं।

अमेरिका का तर्क: अमेरिका का आरोप है कि यह जहाज ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों और सैन्य नाकेबंदी का उल्लंघन करते हुए ईरानी बंदरगाह से तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था और चेतावनी दिए जाने के बावजूद उसने अमेरिकी नौसेना के निर्देशों का पालन नहीं किया।

भारतीय नाविकों का क्या हुआ?

हमले के समय जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे। इनमें से 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन 3 नाविक लापता हो गए थे, जिनकी मौत की पुष्टि अब कर दी गई है।

मारे गए 3 भारतीयों की पहचान:

पटनाला सुरेश (चीफ इंजीनियर) - आंध्र प्रदेश

आदित्य शर्मा (डेक कैडेट) - हिमाचल प्रदेश

शिवानंद चौरसिया (इंजन फिटर) - उत्तर प्रदेश

भारत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

भारत सरकार: विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वाणिज्यिक शिपिंग और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसे समुद्री परिवार के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया है। भारत ने मृतकों के शवों और बचे हुए नाविकों की जल्द वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

ईरान का बयान: ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अमेरिका द्वारा की गई "स्टेट पाइरेसी" (सरकारी समुद्री डकैती) करार दिया है।

यह लगातार तीसरा ऐसा जहाज था, जिस पर हाल ही में अमेरिकी बलों द्वारा हमला किया गया और जिसमें भारतीय नाविक सवार थे। इससे पहले 'MT Marivex' और 'MT Jalveer' नामक जहाजों को भी अमेरिकी बलों ने निशाना बनाया था। भारत सरकार इस पूरे घटनाक्रम और खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा की बारीकी से निगरानी कर रही है।

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