दिग्गज भारतीय शूटर और जाने-माने कोच जसपाल राणा का निधन।
भारतीय खेल जगत से बेहद दुखद खबर है। दिग्गज भारतीय शूटर और जाने-माने कोच जसपाल राणा का
कल रात (11 जून 2026) दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया है। वह 49 वर्ष के थे।
निधन की वजह
जसपाल राणा को हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित हुए 'ISSF वर्ल्ड कप' के दौरान सीने में दर्द और बेचैनी महसूस हुई थी। शुरुआत में उन्होंने इसे एसिडिटी समझ लिया था, लेकिन भारत लौटते वक्त फ्लाइट में उनकी तकलीफ बढ़ गई। दिल्ली लैंड करते ही उन्हें तुरंत दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल में कार्डियक ब्लॉकेज हटाने के लिए उनकी एक स्टेंट सर्जरी भी हुई थी और डॉक्टर कुछ दिनों बाद दूसरा स्टेंट डालने वाले थे। शुरुआती तौर पर उनकी हालत स्थिर बताई जा रही थी, लेकिन बाद में दिल से जुड़ी जटिलताओं (complications related to heart) के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनका शानदार करियर और विरासत
जसपाल राणा भारतीय शूटिंग इतिहास के सबसे चमकदार सितारों में से एक थे। मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले राणा ने महज 12 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
खिलाड़ी के रूप में उपलब्धियां: उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में भारत के लिए 9 गोल्ड मेडल सहित कुल 15 पदक जीते। वहीं एशियन गेम्स में उन्होंने 4 गोल्ड मेडल सहित 8 पदक अपने नाम किए। 2006 के दोहा एशियन गेम्स में उन्होंने 3 स्वर्ण पदक जीतकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की थी।
ऐतिहासिक कोच की भूमिका: मुख्य प्रतियोगिताओं से संन्यास लेने के बाद उन्होंने देश के युवा शूटरों को तराशने का काम किया। उनका सबसे बड़ा योगदान स्टार शूटर मनु भाकर को मेंटर करना रहा। उन्हीं के मार्गदर्शन में मनु भाकर ने पेरिस 2024 ओलंपिक में दो ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। निधन के समय वह भारत के 25 मीटर पिस्टल अनुशासन के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में सेवा दे रहे थे।
सम्मान: उन्हें खेल में बेहतरीन योगदान के लिए 1994 में अर्जुन पुरस्कार, 1997 में पद्मश्री और 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
जसपाल राणा के असामयिक निधन पर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और खेल जगत ने गहरा शोक व्यक्त किया है:
"श्री जसपाल राणा जी के निधन से गहरा दुख हुआ। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने शूटिंग में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश को गौरवान्वित किया।"
— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
"जसपाल मेरे टीममेट थे, और कई मायनों में उस पीढ़ी का हिस्सा थे जिसने भारतीय शूटिंग को आकार देने में मदद की। जब भी वह रेंज पर उतरते थे, देश का गौरव उनके साथ होता था। यह हमारे खेल के लिए बहुत बड़ी क्षति है।"
— अभिनव बिंद्रा (ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता)

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