ऐतिहासिक नगर अल्मोड़ा को आपदा व बरसाती पानी से बचाने के लिए 22 किमी लंबी नालियों व नालों का होगा जाल तैयार

अल्मोड़ा नगर में ड्रेनेज प्लान की भी डीपीआर तैयार

देहरादून। ऐतिहासिक एवम सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा और उसके आसपास घरों में बरसाती पानी घुसने से रोकने के लिए 22 किमी लंबी नालियों व नालों का जाल तैयार होगा। जिला प्रशासन ने इसकी डीपीआर तैयार कर ली है। करीब 25.76 करोड़ की इस कार्ययोजना पर सचिव आपदा प्रबंधन ने अलग से एक बैठक बुलाने का फैसला लिया है। सचिव आपदा प्रबंधन की अध्यक्षता में राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत आए प्रस्तावों के मूल्यांकन पर चर्चा हुई। मानसून, प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित हुई विकास योजनाओं के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के प्रस्तावों पर कार्रवाई को लेकर बैठक में विभिन्न दिशा निर्देश दिए गए।

मूल्यांक एवं विभागीय समिति की बैठक लोनिवि व सिंचाई विभाग के प्रस्तावों का सिलसिलेवार प्रस्तुतीकरण हुआ। प्रमुख मोटर मार्गों पर भूस्खलन से बचाव के पिछले दिनों सचिव आपदा प्रबंधन लिए तैयार योजनाओं को मंजूरी दी गई।

बैठक के जारी कार्यवृत्त के अनुसार अल्मोड़ा के नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों की करीब डेढ़ लाख की आबादी "अतिवृष्टि से जमा होने वाले पानी की उचित निकासी न हो पाने की समस्या से पीड़ित है। पहले चरण की योजना में 39 नालों का इस्टीमेट तैयार हुआ, लेकिन इससे कुछ अन्य क्षेत्र छुट गए। "डीएम ने एक विस्तृत सर्वेक्षण के जरिये एक दूसरे चरण की योजना बनाई, जिसका प्रस्तुतिकरण हुआ था।

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