तेंदुए के डर से खेतों से जान बचाकर भागीं महिलाएं, ज्ञापन के बाद भी नहीं लगा पिंजरा!


अल्मोड़ा (22 सितंबर): जिले के ग्राम सभा खत्याड़ी के 'पहल' क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। तेंदुए की लगातार बढ़ती चहलकदमी से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। मंगलवार को खेतों में काम कर रही महिलाओं के ठीक सामने अचानक तेंदुआ आ धमका, जिससे अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर खेतों से अपने घरों की ओर भागीं।

😱 हफ्ते में दूसरी बार हुआ आमना-सामना

ग्रामीणों के अनुसार, महिलाओं का तेंदुए से आमना-सामना होने की यह दूसरी घटना है। दिन के उजाले में भी तेंदुए की बेखौफ सक्रियता ने ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। अब ग्रामीण अपने ही खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।

📜 16 सितंबर को सौंपा था ज्ञापन, फिर भी सुस्त पड़ा वन विभाग

तेंदुए के लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने बीते 16 सितंबर को डीएफओ (DFO) अल्मोड़ा को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में तुरंत पिंजरा लगाने की मांग की थी। लेकिन अफसोस की बात यह है कि ज्ञापन देने के कई दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग द्वारा अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

ग्रामीणों की चेतावनी: "अगर समय रहते वन विभाग ने पिंजरा नहीं लगाया, तो क्षेत्र में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। प्रशासन की इस लापरवाही के कारण किसी भी दिन जनहानि हो सकती है।"

😡 ग्रामीणों में भारी आक्रोश, गश्त बढ़ाने की मांग

प्रशासन और वन विभाग की उदासीनता को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा व्याप्त है। ग्रामीणों ने मांग की है कि:

पहल क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से पिंजरा लगाया जाए।

तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में नियमित गश्त (Patrolling) और निगरानी बढ़ाई जाए।

क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी खबर और अपडेट सबसे पहले पाने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें और नोटिफिकेशन बेल को ऑन रखें!

Post a Comment

और नया पुराने