अल्मोड़ा। प्रसिद्ध नृत्य सम्राट उदय शंकर की कलात्मक विरासत को समर्पित सात दिवसीय रंगमंच एवं फिल्म निर्माण कार्यशाला का उदय शंकर नाट्य अकादमी में भव्य आगाज हो गया है। संस्कृति विभाग के पं. गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को थिएटर और सिनेमा की दुनिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है।
इस पहल के माध्यम से 1938 में स्थापित उदय शंकर की इस ऐतिहासिक अकादमी को केवल एक स्मारक न रखकर, इसे निरंतर कला-शिक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों के एक जीवंत केंद्र के रूप में सक्रिय करने का प्रयास किया जा रहा है।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। उद्घाटन अवसर पर कला और संस्कृति क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन मीता उपाध्याय द्वारा किया गया।
उपस्थित प्रमुख अतिथि और विशेषज्ञ:
* जयन्ती खाती (निदेशक, पं. गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय)
* कैलाश कांडवाल (वरिष्ठ अभिनेता एवं सहायक प्रोफेसर, दून विश्वविद्यालय)
* शुभम शर्मा (पूर्व छात्र, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा - NSD)
* अभिषेक डोभाल (अभिनेता एवं निर्देशक)
* हिमांशू धरमोरा (कार्यक्रम क्यूरेटर एवं प्रसिद्ध गायक)
* चंचल तिवारी (प्रभारी प्रधानाचार्य, भातखंडे संगीत महाविद्यालय)
* डॉ. सी.एस. चौहान एवं जनमेजय तिवारी
इसके अलावा यूसुफ तिवारी, दीपा गुप्ता, मनोज गुप्ता, रविन्द्र बिष्ट, ममता जीना, राजेंद्र नयाल, हरिंदर नेगी, सूरज सिरारी, रविन्द्र अधिकारी, सुंदर लाल, प्रमोद कुमार और विमला सहित कई सहयोगी भी उपस्थित रहे।
40 युवाओं को मिलेगा सिनेमा और थिएटर का व्यावहारिक प्रशिक्षण
इस 7 दिवसीय कार्यशाला में कुल 40 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। इन्हें उद्योग के विशेषज्ञों—कैलाश कांडवाल, शुभम शर्मा और अभिषेक डोभाल—द्वारा निम्नलिखित विधाओं का बारीकी से प्रशिक्षण दिया जाएगा:
* अभिनय एवं चरित्र निर्माण (Acting & Character Building)
* रंगमंच तकनीक एवं दृश्य-रचना (Theater Technique & Stage Craft)
* स्क्रिप्ट लेखन (Script Writing)
* कैमरा एवं फिल्म निर्माण (Camera & Filmmaking)
* डॉक्यूमेंट्री निर्माण (Documentary Making)
20 सितंबर को भव्य समापन: तनुश्री शंकर की विशेष प्रस्तुति होगी मुख्य आकर्षण
कार्यशाला का समापन 20 सितंबर को दोपहर 2 बजे एक भव्य सांस्कृतिक समारोह के साथ होगा।
समापन समारोह के मुख्य आकर्षण:
* प्रतिभागियों की प्रस्तुति: 7 दिनों के प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों के आधार पर तैयार नाटकों और प्रस्तुतियों का मंचन।
* शास्त्रीय संगीत: भातखंडे संगीत महाविद्यालय के कलाकारों द्वारा शास्त्रीय प्रस्तुतियां।
* विशेष प्रस्तुति (Highlight): गुरु उदय शंकर की पुत्रवधू व प्रसिद्ध नृत्यांगना तनुश्री शंकर एवं कोलकाता से आ रहे उनके दल की वि
शेष सांस्कृतिक प्रस्तुति।

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