विवेकानंद इंटर कॉलेज रानीधारा में 'सामूहिक वंदे मातरम् गायन' का आयोजन; 1766 लोगों ने एक स्वर में गाया राष्ट्रीय गीत

 


अल्मोड़ा। विवेकानंद इंटर कॉलेज, रानीधारा के परिसर में आज (25 सितंबर) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के सुअवसर पर 'नमामि भारतम्' के अंतर्गत 'सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम' का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। मंच संचालन करते हुए संस्कृताचार्य श्री अर्जुन चंद्र पांडे ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया और वंदे मातरम् के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, श्री भूपेश पंत ने मातृभूमि के प्रति सम्मान, कर्तव्य और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।

वंदे मातरम् स्वतंत्रता और चेतना की आवाज: कमल जी

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अल्मोड़ा के विभाग प्रचारक श्री कमल जी ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह भारत की स्वतंत्रता, चेतना और मातृभूमि के प्रति अगाध सम्मान तथा राष्ट्रीय एकता की भावना से जुड़ी एक ऐतिहासिक रचना है।

राष्ट्रहित में कर्तव्यों का पालन जरूरी: प्रो. नीरज तिवारी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एस. एस. जीना विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभागाध्यक्ष प्रो. नीरज तिवारी ने कहा कि वंदे मातरम् ने भारत में राष्ट्रवाद और एकता की नींव को मजबूत किया है। उन्होंने सभी से राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का आह्वान किया।

150 वर्ष पूर्ण होना गर्व का क्षण: आलम सिंह उनियाल

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री आलम सिंह उनियाल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जिस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जन-जन में राष्ट्रप्रेम और बलिदान की अलख जगाई, उसके 150 वर्ष पूरे होने पर एक साथ, एक लय और एक स्वर में गायन करना हम सभी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।

1766 लोगों की गरिमामयी उपस्थिति

इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों सहित कुल 1766 लोग एक मंच पर एकत्र हुए और एक स्वर में राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व संभाग निरीक्षक श्री प्रकाश पंत, पूर्व प्रधानाचार्य श्री मोहन सिंह रावल, विद्यालय प्रबंधक अरुण वर्मा, कोषाध्यक्ष व परीक्षा नियंत्रक (एस. एस. जीना विश्वविद्यालय) श्री पंकज शाह, संरक्षक बद्री विशाल अग्रवाल, डॉ. कपिल नयाल, डॉ. रमेश चंद्र उपाध्याय उपस्थित रहे। कार्यक्रम हेतु पंजीकरण का कार्य श्री नीरज मिश्रा, श्री भास्करानंद कांडपाल एवं श्रीमती हिमानी पांडे द्वारा संपन्न किया गया।

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