35वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में बैंक ने प्रस्तुत कीं अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियां
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा बैंक को मोबाइल बैंकिंग की अनुमति ।
अंशधारकों को 9% लाभांश देने का निर्णय
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लि. की 35वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक होटल शिखर, मालरोड (अल्मोड़ा) में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बैंक की अध्यक्षा डॉ. वसुधा पन्त ने की, जिन्होंने सभी सामान्य निकाय प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बैंक के प्रबंध निदेशक श्री पी.सी. तिवारी ने बैंक की प्रगति एवं प्रमुख उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य झलकियां एवं वित्तीय उपलब्धियां:
* व्यवसाय में वृद्धि: बैंक का कुल कार्य व्यवसाय ₹6600.00 करोड़ से अधिक हो गया है।
* शून्य एनपीए: बैंक का नेट एन.पी.ए. शून्य (0) है।
* वित्तीय स्थिति: बैंक की प्रतिभूतियों में भारतीय रिजर्व बैंक के पास ₹1,691.45 करोड़ विनियोजित हैं, जबकि बैंक की अपनी निज पूंजी ₹725.85 करोड़ हो गई है।
* प्राथमिकता क्षेत्र को ऋण: बैंक द्वारा कुल ऋण का लगभग 74.59% हिस्सा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों को दिया गया है।
* लाभ व लाभांश: वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक का सकल लाभ ₹49.54 करोड़ रहा है। बैंक प्रबंधन ने अपने अंशधारकों को 9.00% की दर से लाभांश (Dividend) देने का निर्णय लिया है।
* राजस्व में योगदान: बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹14.00 करोड़ का अग्रिम आयकर (Advance Income Tax) जमा किया है।
शाखा विस्तार योजना:
* वर्तमान स्थिति: 31 मार्च 2026 तक राज्य में बैंक की 65 शाखाएं कार्यरत थीं। इसके बाद 4 नई शाखाएं (दिनेशपुर, रामनगर रोड काशीपुर, शिवालिक नगर हरिद्वार और मसूरी रोड चम्बा) खोली गईं, जिससे वर्तमान में शाखाओं की संख्या 69 हो गई है।
* आगामी शाखाएं: शीघ्र ही कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, मियावाला देहरादून, कनखल हरिद्वार एवं गोल मार्केट देहरादून में 5 नई शाखाएं खोली जा रही हैं। इसके बाद राज्य भर में बैंक की कुल 74 शाखाएं हो जाएंगी।
* भावी लक्ष्य: बैंक ने वर्ष 2028 तक अपनी शाखाओं की संख्या 80 करने और कुल कार्य व्यवसाय को ₹8000.00 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
अत्याधुनिक डिजिटल सेवाएं:
बैंक अपने ग्राहकों को RTGS, NEFT, PFMS, IMPS Credit और ECS NACH जैसी आधुनिक सेवाएं प्रदान कर रहा है। अल्मोड़ा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक उत्तर भारत का सबसे बड़ा सहकारी बैंक है तथा भारतीय भुगतान निगम (NPCI) का प्रत्यक्ष सदस्य है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा बैंक को मोबाइल बैंकिंग की अनुमति प्रदान कर दी गई है। प्रथम चरण में यह सुविधा कर्मचारियों को दी गई है और शीघ्र ही इसे सभी ग्राहकों के लिए शुरू किया जा रहा है।
सामाजिक दायित्व और आभार:
बैंक द्वारा समय-समय पर वृक्षारोपण, साक्षरता अभियान, आपदा राहत और वरिष्ठ नागरिकों की सहायता जैसे सामाजिक कार्यों में भी योगदान दिया जाता रहा है।
बैठक के अंत में बैंक अध्यक्षा डॉ. वसुधा पन्त ने बैंक की इस अभूतपूर्व प्रगति के लिए संचालक मंडल, बैंक कर्मचारियों, ग्राहकों, उत्तराखंड शासन, भारतीय रिजर्व बैंक, सहकारिता विभाग और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व:
उपाध्यक्ष श्री सदी राम आर्या, संचालक श्री सुरेन्द्र प्रसाद, श्रीमती सुजाता गुलाटी, श्रीमती रीता टंडन, श्री महेश चन्द्र पाण्डे, सी.ए. गगनदीप सिंह सहदेव, श्री हरीश चन्द्र पाठक, श्री भूपेन्द्र सिंह रौतेला, डॉ. दीपक गौड़, श्री मुम्ताज़ हुसैन, श्री जितेन्द्र सिंह, श्री गिरिश धवन, श्री हंसा पाण्डेय, प्रतिनिधि श्री आनन्द सिंह बगड़वाल, श्री दुर्गा लाल, श्रीमती सुमन बोरा, श्री गोविन्द लाल वर्मा, श्री चन्द्रशेखर काण्डपाल, श्री लक्ष्मण सिंह ऐठानी, श्री विनीत दुर्गापाल, सरदार सुरजीत सिंह, श्री आनंद सिंह सौतियाल श्री सी एस बिष्ट श्री सतीश गुप्ता, सहित बैंक के महाप्रबंधक श्री भूपाल सिंह मेहता सहित कई प्रतिनिधि एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



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