फैक्ट चेक: क्या इंडोनेशिया में हाथ में RFID चिप लगाना अनिवार्य हो गया है? जानें वायरल पोस्ट का पूरा सच।

 

New delhi 

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेज़ी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इंडोनेशिया से हाथों में RFID चिप लगाने की शुरुआत हो चुकी है और जल्द ही यह पूरी दुनिया में लागू होगा। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि बिना इस चिप के लोगों को नौकरी, बैंक अकाउंट और स्कूल की सुविधाएं नहीं मिलेंगी।

अगर आपने भी यह मैसेज देखा है, तो सावधान हो जाएं—यह दावा पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है।

वायरल दावे का सच (Fact Check):

कोई सरकारी आदेश नहीं: इंडोनेशिया सरकार या दुनिया की किसी भी अधिकृत संस्था ने नागरिकों के शरीर में चिप लगाने का कोई कानून या आदेश जारी नहीं किया है।

स्वेच्छा और व्यक्तिगत प्रयोग: RFID microchips का इस्तेमाल दुनिया भर में कुछ टेक-उत्साही लोग अपनी पसंद (स्वैच्छिक रूप से) से करते हैं, जैसे कि चाबी के बिना दरवाजे खोलना या डिजिटल कार्ड एक्सेस करना। यह किसी सरकार द्वारा जबरन नहीं थोपा जा रहा है।

षड्यंत्रकारी थ्योरी (Conspiracy Theory): कोविड-19 महामारी के बाद से ही सोशल मीडिया पर "न्यू वर्ल्ड ऑर्डर" और "गुलामी का नया दौर" जैसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिनका वास्तविक जीवन से कोई लेना-देना नहीं है।

निष्कर्ष:

वायरल हो रही पोस्ट का उद्देश्य केवल लोगों के बीच डर और सनसनी फैलाना है। इस तरह के किसी भी मैसेज या दावे पर बिना आधिकारिक पुष्टि के विश्वास न करें और न ही इसे आगे शेयर करें।

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