अल्मोड़ा (देवभूमि)। देवभूमि की वादियों से उठी एक साहित्यिक गूंज ने आज समूचे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है। लमगड़ा विकासखंड के चौकुना गाँव की युवा लेखिका दीपा मेहरा को हिंदी भाषा की समृद्धि और उत्थान में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति' द्वारा प्रतिष्ठित 'हिंदी हितैषी सम्मान' से विभूषित किया गया है।
हिंदी दिवस पर गरिमामयी सम्मान
हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में समिति के संस्थापक कवि विवेक बादल बाजपुरी एवं वरिष्ठ संरक्षक पंकज प्रकाश ने दीपा मेहरा के हिंदी प्रेम और समर्पण को रेखांकित करते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। दीपा न केवल निरंतर साहित्य सृजन कर रही हैं, बल्कि जन-जन तक हिंदी की अलख भी पहुँचा रही हैं।
शिक्षा से लेकर साहित्यिक कृतियों तक का सफर
प्रारंभिक व उच्च शिक्षा: सर्वोदय इंटर कॉलेज (जयंती) से 12वीं तक की शिक्षा के बाद उन्होंने राम सिंह धौनी राजकीय महाविद्यालय (जयंती) से बीए और एमए की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वह एमएसडब्ल्यू (MSW) की पढ़ाई कर रही हैं।
प्रमुख कृतियां: अल्पायु में ही उनकी दो कृतियां—'ड्रीम की फ्लाइट एक्सपीरियंस का सफर' और 'मेरे सपनों की उड़ान'—पाठकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुकी हैं।
अपनी इस सफलता का श्रेय दीपा ने अपने पति नरेश सिंह मेहरा, माता-पिता और सास-ससुर के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन को दिया है।

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