अल्मोड़ा / दिल्ली:
इंसानियत, दुआओं और जन-सहयोग की ताकत जब एक साथ मिलती है, तो बड़े से बड़ा संकट भी दूर हो जाता है। इसका जीता-जागता उदाहरण बने हैं ग्राम सभा हटोला (अल्मोड़ा) के निवासी रविन्द्र सिंह रावल (रवि)। दिल्ली-गुरुग्राम के मल्टिनेशनल अस्पताल (Marengo Asia Hospital) में वेंटिलेटर पर ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे रवि अब पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर लौट आए हैं।
रवि के पूरी तरह ठीक होने और अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर रावल परिवार ने अत्यंत भावुक मन से समस्त देशवासियों, क्षेत्रवासियों और सहयोगियों का हृदय से धन्यवाद व आभार व्यक्त किया है।
वेंटिलेटर पर थे रवि, अस्पताल का बिल बना था बड़ी चुनौती
गौरतलब है कि दिल्ली में मात्र ₹15,000 की नौकरी कर अपने वृद्ध माता-पिता (पिता श्री कृष्ण सिंह रावल) और परिवार का पेट पालने वाले रवि हाल ही में एक साथ कई गंभीर बीमारियों—डेंगू, निमोनिया, टाइफाइड, पीलिया और लिवर संक्रमण से ग्रसित हो गए थे। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जहाँ इलाज का खर्च ₹11 लाख से ऊपर चला गया था।
एक गरीब परिवार के लिए यह रकम जुटाना पूरी तरह नामुमकिन था। इस मुश्किल घड़ी में परिवार ने सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से मदद की गुहार लगाई थी।
इंसानियत की मिसाल: एकजुट होकर आगे आए लोग
खबर सामने आने के बाद ग्रामवासियों, क्षेत्रवासियों और दूर-दराज के तमाम शुभचिंतकों ने खुलकर मदद का हाथ बढ़ाया। लोगों ने अपनी स्वेच्छा से आर्थिक योगदान दिया और रवि के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थनाएं कीं।
जन-सहयोग और डॉक्टरों की दिन-रात की मेहनत का ही नतीजा है कि रवि ने इस गंभीर बीमारी को मात दे दी और वे अब पूरी तरह खतरे से बाहर हैं।
"यह ऋण हम जिंदगी भर नहीं चुका पाएंगे": रावल परिवार
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद रविन्द्र सिंह रावल और उनके पूरे परिवार ने एक भावुक संदेश जारी करते हुए कहा:
"आज का दिन हमारे पूरे परिवार के लिए केवल एक तारीख़ नहीं, बल्कि ईश्वर की अपार कृपा और आप सबकी प्रार्थनाओं के साकार होने का दिन है। आप सभी के असीम प्रेम, आशीर्वाद और निरंतर की गई दुआओं का ही फल है कि रवि अब पूर्ण रूप से स्वस्थ है। जब अस्पताल के उस कठिन दौर में हर घड़ी परीक्षा जैसी थी, तब आप सबका साथ हमारे लिए सबसे बड़ा सहारा बना। जात-पात, ऊँच-नीच और हर भेदभाव से ऊपर उठकर जिस तरह आप सभी ने एक-दूसरे का हाथ थामा, उसने इंसानियत की सबसे सुंदर मिसाल पेश की है। यह ऋण हम जिंदगी भर नहीं चुका पाएंगे। समस्त रावल परिवार की ओर से आप सभी को हृदय से अश्रुपूर्ण आभार और साष्टांग नमन!"
रविन्द्र सिंह रावल ने भी हाथ जोड़कर सभी सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे जल्द ही आप सभी के बीच होंगे और मिलकर धन्यवाद ज्ञापित करेंगे।
यह घटना यह साबित करती है कि जब पूरा समाज एक परिवार की तरह एकजुट होकर खड़ा हो जाता है, तो बड़ी से बड़ी मुसीबत भी हार मान लेती है।
आभार ...........
वेब फास्ट न्यूज ने भी अपने पोर्टल के माध्यम से रविन्द्र जी की मदद की पेशकश अपने पाठकों और आम जनता से अपने पोर्टल खबर (https://www.webfastnews.com/2026/09/11.html ) से की थी
वेब फास्ट न्यूज परिवार सभी सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करता है और रविन्द्र सिंह रावल जी के उज्जवल भविष्य की कामना करता हैं

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