ग्राउंड रिपोर्ट: कुमाऊं में आफत की बारिश! अल्मोड़ा-नैनीताल में भूस्खलन से सड़कें ठप, स्कूल बंद और अलर्ट जारी

 


देहरादून/नैनीताल/अल्मोड़ा:

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में बारिश ने प्रचंड रूप ले लिया है। नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और बागेश्वर में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा और भूस्खलन (Landslide) के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। जगह-जगह पहाड़ दरकने और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

तबाही का मंज़र: अल्मोड़ा में हादसे, नदियां उफान पर

अल्मोड़ा में नुकसान: अल्मोड़ा जिले के हवालबाग और धार की टूनी क्षेत्र में बारिश के कारण मकान ढहने और मलबा गिरने से भारी नुकसान हुआ है।



नदियां रौद्र रूप में: नैनीताल की शिप्रा नदी, हल्द्वानी की गौला और कोसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कैंची धाम और नदी तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

सड़कों का हाल: मुख्य हाईवे बंद, थमे वाहनों के पहिए

राजमार्ग बाधित: नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग, अल्मोड़ा-घाट-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग और भवाली मार्ग पर भारी मलबे व बोल्डर आने से यातायात ठप हो गया है।

ग्रामीण संपर्क टूटा: कुमाऊं की 100 से ज्यादा लिंक और ग्रामीण सड़कें बंद हो चुकी हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की जेसीबी मशीनें मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन रुक-रुक कर गिरते पत्थरों से काम में बाधा आ रही है।

प्रशासन सख्त: स्कूलों में छुट्टी और हाई अलर्ट

स्कूलों में अवकाश: मौसम की गंभीरता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत के जिलाधिकारियों ने आंगनवाड़ी केंद्रों से लेकर 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।

24/7 मॉनिटरिंग: आपदा प्रबंधन दल, SDRF और स्थानीय पुलिस बल को संवेदनशील तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे अलर्ट पर रखा गया है।



यात्रियों के लिए विशेष संदेश (Travel Advisory)

महत्वपूर्ण सूचना: यदि आप नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत या कैंची धाम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सुरक्षा के दृष्टिकोण से फिलहाल अपनी यात्रा स्थगित कर दें।

अनावश्यक सफर से बचें: पहाड़ों में भूस्खलन और बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है, इसलिए पूरी तरह स्थिति सामान्य होने तक यात्रा करने से बचें।

सड़क की जानकारी लेकर ही निकलें: यदि यात्रा करना अति-आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले स्थानीय आपदा कंट्रोल रूम या पुलिस हेल्पलाइन से रोड स्टेटस की पुष्टि जरूर कर लें।

रात में ड्राइविंग न करें: कम दृश्यता और अचानक लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए रात के समय पहाड़ी रास्तों पर सफर बिल्कुल न करें।



सुरक्षित स्थानों पर रुकें: यदि आप रास्ते में कहीं फंसे हैं, तो किसी सुरक्षित होटल या प्रशासनिक विश्राम गृह में रुकें और नदी-नालों के पास जाने की गलती न करें।

आपात स्थिति में संपर्क नंबर (Emergency Control Room Helpline)

किसी भी आपातकालीन स्थिति, भूस्खलन, सड़क बंद होने या सहायता के लिए नीचे दिए गए टोल-फ्री और कंट्रोल रूम नंबरों पर तुरंत संपर्क करें:



राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (Dehradun): 1070 / 0135-2710334, 0135-2710335

राष्ट्रीय आपदा आपातकालीन नंबर: 112

जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम (नैनीताल): 05942-231178, 231179 / टोल-फ्री: 1077

जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम (अल्मोड़ा): 05962-237874, 237875 / टोल-फ्री: 1077

SDRF कंट्रोल रूम (उत्तराखंड): 9411112998, 0135-2712685

उत्तराखंड पुलिस हेल्पलाइन: 112 / 9411112971 (WhatsApp)

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