विरासत का सुखद पुनर्मिलन: दशकों बाद ससुर गुरु उदय शंकर की कर्मभूमि पहुंचीं तनुश्री शंकर, अल्मोड़ा में फिर जीवंत हुई कालजयी नृत्य परंपरा



उदय शंकर नाट्य अकादमी में बिखेरा आधुनिक व शास्त्रीय नृत्य का जादू; दर्शक हुए भावविभोर
  • सात दिवसीय रंगमंच एवं फिल्म निर्माण कार्यशाला का भव्य समापन, 40 उभरते बाल-युवा कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां

अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के इतिहास में 20 सितंबर का दिन एक भावुक और ऐतिहासिक मोड़ का साक्षी बना। आधुनिक भारतीय नृत्य कला के जनक महान गुरु उदय शंकर की इस पावन कर्मभूमि पर उनकी पुत्रवधू एवं प्रख्यात नृत्यांगना श्रीमती तनुश्री शंकर ने जब कदम रखा, तो पूरा वातावरण कलात्मक ऊर्जा और स्मृतियों से सराबोर हो उठा। अवसर था—संस्कृति विभाग, उत्तराखंड एवं पं. गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय द्वारा आयोजित सात दिवसीय रंगमंच एवं फिल्म निर्माण कार्यशाला के समापन समारोह का।

उदय शंकर की कला-यात्रा की यादें हुईं ताज़ा

अल्मोड़ा और गुरु उदय शंकर का रिश्ता दशकों पुराना है, जहाँ उन्होंने अपनी विश्वप्रसिद्ध नृत्य शैली को आकार दिया था। लंबे अरसे बाद जब तनुश्री शंकर अपनी कोलकाता की नृत्य मंडली के साथ यहाँ उदय शंकर नाट्य अकादमी के मंच पर उतरीं, तो उन्होंने अपनी नई प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारतीय शास्त्रीय सौंदर्य और आधुनिक नृत्य शैली के इस अद्भुत संगम को देख सभागार में मौजूद हर कला प्रेमी झूम उठा और देर तक तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही। आयोजकों ने उन्हें अल्मोड़ा के प्रसिद्ध तांबे से निर्मित गोलू देवता की प्रतिमा भेंट कर भावभीना सम्मान दिया।

नयी पीढ़ी में दिखा उदय शंकर की प्रयोगधर्मी दृष्टि का असर

समारोह का मुख्य आकर्षण कार्यशाला में प्रशिक्षित 40 स्थानीय प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘कहानी राजा सुथी लाल की’ रहा। श्री कैलाश कांडवाल, श्री शुभम शर्मा एवं श्री अभिषेक डोभाल के मार्गदर्शन में तैयार इस नाटक के जरिए युवाओं ने अभिनय, पटकथा और रंगमंच की बारिकियों का बेहतरीन नमूना पेश किया।



कार्यक्रम की शुरुआत भातखंडे संगीत महाविद्यालय के कलाकारों की सुमधुर शास्त्रीय गायन प्रस्तुति से हुई, जिसने समापन संध्या को और अधिक गरिमामयी बना दिया।

समारोह के प्रमुख विचार:

  • विधायक मनोज तिवारी: "गुरु उदय शंकर की धरोहर को सहेजना और तनुश्री शंकर जी जैसी महान हस्तियों को अल्मोड़ा में युवाओं के बीच लाना एक ऐतिहासिक पहल है। इससे हमारी भावी पीढ़ी को कला के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की नई दिशा मिलेगी।"
  • मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा: "उदय शंकर नाट्य अकादमी को निरंतर सांस्कृतिक गतिविधियों से जीवंत रखा जाएगा, ताकि यहाँ के प्रतिभावान युवाओं को लगातार सीखने का मंच मिलता रहे।"


दिग्गजों की उपस्थिति से रोशन हुई संध्या

कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक मनोज तिवारी ने किया। इस दौरान मेयर अजय वर्मा, दर्जा राज्य मंत्री गंगा बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री गोविंद सिंह पिलख्वाल, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, यूपीपी अध्यक्ष पी.सी. तिवारी, प्रो. शेखर जोशी, वसुधा पंत, डॉ. दीपा गुप्ता, कार्यक्रम क्यूरेटर हिमांशु धरमोरा, संग्रहालय निदेशक जयन्ती खाती सहित संस्कृति विभाग के अधिकारी, रंगकर्मी और सैकड़ों स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, अल्मोड़ा ने अंत में सभी अतिथियों, गुरुजनों, कलाकारों और प्रशिक्षुओं का आभार प्रकट करते हुए इस सफल आयोजन के समापन की घोषणा की।

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