खेत बचाओ अभियान’ के तहत बागेश्वर और अल्मोड़ा जनपद के चार गांवों में किसान जागरूकता कार्यक्रम



अल्मोड़ा,

विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा द्वारा संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत के सफल निर्देशन में चल रहे ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत बागेश्वर जनपद के गैरासकीड़ा, पगना और खर्क टम्टा गांवों में और अल्मोड़ा जनपद के ताड़ीखेत विकासखंड के दुभणा में किसान जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में कुल 79 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 57 पुरुष एवं 22 महिलाएं शामिल रही ।

दुभणा, में आयोजित कार्यक्रम में 41 किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों तथा संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. जे. पी. आदित्य ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि यंत्रीकरण पोर्टल, फसल बीमा योजना, दलहन मिशन, संरक्षित खेती, मधुमक्खी पालन, कीवी मिशन, उच्च घनत्व सेब रोपण तथा मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़ी जानकारी दी। किसानों को नियमित मिट्टी परीक्षण, संतुलित पोषक प्रबंधन, जैविक पदार्थों के संरक्षण तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व से अवगत कराया गया।

गैरासकीड़ा, पगना और खर्क टम्टा गांव में आयोजित कार्यक्रम में 38 किसान शामिल हुए। कर्यक्रमों का नेतृत्व डॉ. उत्कर्ष कुमार, डॉ. महेंद्र सिंह भिंडा एवं डॉ. रवि एस. सिंह ने किया। किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग, मिट्टी की सेहत सुधारने, फसल चक्र अपनाने, तथा जैव उर्वरक, जैव कीटनाशक, जीवामृत और बीजामृत के प्रयोग के लिए प्रेरित किया गया। किसानों ने जंगली जानवरों से फसल नुकसान और गुणवत्तापूर्ण बीजों की कमी जैसी समस्याएं भी रखीं। 

इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों, जलवायु-स्मार्ट खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ना था, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को अधिक लाभकारी, वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सके।

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