मसूरी 26 जून
मसूरी। अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस पर जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में नगर पालिका सभागार में होटल, होमस्टे, रिसोर्ट, रेस्टोरेंट और पर्यटन व्यवसायियों के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पर्यटन प्रतिष्ठानों को नशा रोकथाम, कानूनी जिम्मेदारियों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस और प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि होटल और होमस्टे संचालक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि मसूरी की पहचान एक सुरक्षित और नशामुक्त पर्यटन स्थल के रूप में बनी रहे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित दो नशामुक्ति केंद्रों में उपचार की रिकवरी दर 80 प्रतिशत से अधिक है, जो विशेषज्ञ इलाज की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने परिजनों से अपील की कि यदि किसी मरीज का इलाज नशामुक्ति केंद्र में चल रहा है तो बीच में झाड़-फूंक या अन्य अवैज्ञानिक तरीकों का सहारा न लें, बल्कि चिकित्सकों की सलाह के अनुसार पूरा उपचार कराएं।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने होटल एवं पर्यटन व्यवसायियों को अतिथि सत्यापन, रिकॉर्ड संधारण, सीसीटीवी निगरानी और नशे से जुड़े मामलों में कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी। अंत में सभी प्रतिभागियों ने मसूरी को सुरक्षित, जिम्मेदार और नशामुक्त पर्यटन स्थल बनाने का संकल्प लिया।

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