800 महिलाओं की कलश यात्रा से हुआ था तीन दिवसीय महोत्सव का आगाज, चक्र बहादुर बम और दर्शन फर्स्वाण की प्रस्तुतियों ने पहले दिन जमाया था रंग
पिथौरागढ़। आठगांव शिलिंग मेला महोत्सव में तीन दिनों तक लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और संगीत का ऐसा रंग जमा कि डाबरी मैदान हजारों दर्शकों की भीड़ से गुलजार रहा। करीब 800 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुए तीन दिवसीय महोत्सव का बुधवार को शानदार समापन हुआ। समापन दिवस की स्टार नाइट में स्टेज क्वीन प्रियंका महर ने अपने लोकप्रिय गीतों से ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर रात तक झूमते रहे। वहीं, महोत्सव के पहले दिन चक्र बहादुर बम और दर्शन फर्स्वाण समेत कई चर्चित कलाकारों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
महोत्सव के पहले दिन विधायक मयूख महर ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर करीब 800 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा के साथ ही तीन दिवसीय आयोजन का विधिवत आगाज हुआ। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
चक्र बहादुर बम और दर्शन फर्स्वाण ने बांधा समां
महोत्सव के पहले दिन रात 8:30 बजे से आयोजित स्टार नाइट में चक्र बहादुर बम और दर्शन फर्स्वाण समेत कई कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कुमाऊंनी लोकगीतों और संगीत की धुनों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पहले दिन की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।
स्थानीय कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा
तीन दिवसीय महोत्सव में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और क्षेत्रीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत की झलक पेश की। कार्यक्रम में दीपिका राज, प्रियांशु कुमार, अमित गोस्वामी, अमित कुमार, मलय आर्या और भावना बोरा ने प्रस्तुतियां दीं। वहीं कथक नृत्यांगना उन्नति जोशी की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। दर्शकों ने बच्चों और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों की खूब सराहना की।
प्रियंका महर के गीतों पर झूमे हजारों दर्शक
महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित स्टार नाइट में स्टेज क्वीन प्रियंका महर मुख्य आकर्षण रहीं। रात 8:30 बजे से शुरू हुई सांस्कृतिक संध्या में उन्होंने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके लोकप्रिय गीतों पर युवा और अन्य दर्शक देर रात तक थिरकते रहे। पूरा डाबरी मैदान तालियों और संगीत की गूंज से सराबोर रहा। हजारों दर्शकों की मौजूदगी ने समापन समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया।
वीरेंद्र वल्दिया ने जताया क्षेत्रवासियों का आभार
ग्रामोत्थान समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह वल्दिया और मेला संयोजक वीरेंद्र वल्दिया सहित आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों, कलाकारों और क्षेत्रवासियों का स्वागत किया। मेला संयोजक वीरेंद्र वल्दिया ने तीन दिवसीय महोत्सव को सफल बनाने के लिए क्षेत्र की जनता, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों, सहयोगियों और आयोजन समिति के सभी सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों के अपार सहयोग और सहभागिता से ही मेले को भव्य स्वरूप मिल सका। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह सहयोग और उत्साह बनाए रखने की अपील की।
लोक संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बना महोत्सव
आयोजकों ने कहा कि आठगांव शिलिंग मेला महोत्सव का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना, स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ना है। ऐसे आयोजन विभिन्न गांवों के लोगों को एक मंच पर लाने के साथ आपसी मेलजोल और सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
तीन दिवसीय महोत्सव का हजारों लोगों की भागीदारी के बीच सफल समापन क्षेत्रवासियों के लिए यादगार बन गया। कलश यात्रा से शुरू होकर लोकगीतों और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को एक बार फिर नई पहचान और ऊर्जा प्रदान की।



एक टिप्पणी भेजें