जलवायु का भविष्य और हिमनदों का कम होना) विषय पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण पैनल चर्चा आयोजित।


अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल में 'क्लाइमेट फ्यूचर्स एंड ग्लेशियल लॉस' (जलवायु का भविष्य और हिमनदों का कम होना) विषय पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता प्रख्यात वरिष्ठ पत्रकार रोमोला बुटालिया द्वारा की गई, जिसमें जी.बी. पंत संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. आई. डी. भट्ट, सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के लिए समर्पित पर्वतारोही व अन्नपूर्णा अभियान के उत्तरजीवी अनुराग मालू, और पर्वतारोही हर्षित रौतेला ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया।

चर्चा के मुख्य बिंदु:

• जी.बी. पंत संस्थान का कार्य: डॉ. आई. डी. भट्ट ने क्रायोस्फीयर (हिममंडल) और अल्पाइन वनों के संरक्षण पर संस्थान द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक शोधों को रेखांकित किया।

• ग्लेशियर रिट्रीट और मैपिंग: हिमनदों के सिकुड़ने (Glacier Retreat) पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। निचले इलाकों (Downstream) की सुरक्षा के लिए ग्लेशियर झीलों की मैपिंग को बेहद जरूरी बताया गया।

• विज्ञान की आम जनमानस तक पहुंच: इस बात पर गंभीर विमर्श हुआ कि शोध संस्थानों का जनादेश (Mandate) केवल डेटा और आंकड़े देने तक सीमित होता है; ऐसे में वैज्ञानिक ज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए नए माध्यमों की आवश्यकता है।

• पर्वतारोहियों के अनुभव: राजस्थान के अनुराग मालू ने मौत के मुंह से वापस आने के अपने चमत्कारी अनुभव और साहसिक अभियानों को साझा किया, वहीं हर्षित रौतेला ने पहाड़ों के साथ अपने आत्मीय संबंधों का विवरण दिया।

कार्यक्रम आयोजन समिति मे 

अध्यक्ष वसुधा पंत 

संयोजक विनायक पंत 

मनीषा पंत 

दीपा गुप्ता 

दीपक जोशी 

मनोज गुप्ता 

भूषण पांडे 

रचित पंत

मौजूद रहे।

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