अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की अल्मोड़ा इकाई द्वारा जिला कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान दल के सांगठनिक ढांचे को मजबूती देते हुए उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ, सैनिक प्रकोष्ठ और महानगर युवा प्रकोष्ठ का आधिकारिक गठन किया गया। नवनियुक्त सभी पदाधिकारियों का उपस्थित कार्यकर्ताओं द्वारा फूल-माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया।
नवनियुक्त पदाधिकारियों की घोषणा
सैनिक प्रकोष्ठ की टीम:
सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष चंदन सिंह मुस्युनी ने अपनी कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए निम्नलिखित जिम्मेदारियां सौंपीं:
जिला उपाध्यक्ष: श्री किशन सिंह मेहता एवं श्री आनंद सिंह
जिला महामंत्री: श्री नारायण सिंह, श्री दीवान सिंह एवं श्री दिलीप सिंह
जिला संगठन महामंत्री: श्री हरगोविंद सिंह
युवा प्रकोष्ठ की टीम:
युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रवि नेगी ने अपनी नई टीम की घोषणा की:
जिला महामंत्री: श्री कमल बिनौला
सोशल मीडिया प्रभारी: श्री पवन रौतेला
जिला मंत्री: श्री अक्षय टम्टा
जिला संगठन मंत्री: श्री राकेश कुमार
जिला सचिव: धीरज
महानगर युवा प्रकोष्ठ की टीम:
महानगर अध्यक्ष वंश कनवाल द्वारा महानगर कार्यकारिणी का गठन किया गया:
महानगर उपाध्यक्ष: श्री त्रिभुवन सिंह बिष्ट
महानगर महामंत्री: श्री वैभव छावड़ा एवं श्री अमित भट्ट
संगठन मंत्री: श्री माजिद हुसैन एवं श्री नवीन प्रसाद
बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार का पुतला दहन
नवनियुक्त पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में लगातार बढ़ रही महंगाई को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। कार्यक्रम के तुरंत बाद उक्रांद कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया।
दल के नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण उत्तराखंड की आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि खाद्य पदार्थों, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर तत्काल अंकुश लगाया जाए, जिससे प्रदेश के निवासियों को राहत मिल सके।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में दल के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
केंद्रीय मंत्री: गिरीश नाथ गोस्वामी
जिला अध्यक्ष: दिनेश जोशी
महानगर अध्यक्ष: मोहित साह
अन्य वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता: विनय किरौला, जिला उपाध्यक्ष मोहन सिंह, नरेंद्र सिंह बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष राकेश भट्ट आदि।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे उक्रांद की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएंगे और राज्य के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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