विशेष डेस्क:
बढ़ते प्रदूषण और महंगे होते पेट्रोल-डीजल के दौर में ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारी जरूरत बन चुके हैं। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है और केंद्र व राज्य सरकारें भी इसे बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठा रही हैं।
1. PM E-Drive योजना से मिल रही बड़ी सब्सिडी
केंद्र सरकार की PM E-Drive (PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement) योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स की खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है:
टू-व्हीलर्स पर छूट: बैटरी क्षमता के आधार पर प्रति kWh ₹2,500 तक की छूट मिलती है, जिससे नए इलेक्ट्रिक स्कूटर सस्ते मिल रहे हैं।
सीधा फायदा: शोरूम पर Aadhaar e-KYC प्रक्रिया के जरिए ग्राहकों को तुरंत डिस्काउंट (e-Voucher) दिया जाता है।
2. राज्यों की नई EV नीतियां और टैक्स में छूट
कई राज्य सरकारें (जैसे दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र) ईवी अपनाने वालों के लिए खास प्रोत्साहन दे रही हैं:
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फ्री: कई राज्यों में ईवी खरीदने पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ है।
पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग: पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को कबाड़ (Scrap) में देने पर नई ईवी की खरीद पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिल रही है।
3. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे बड़ी चिंता चार्जिंग की होती थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं:
फास्ट चार्जिंग स्टेशन: प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों, पेट्रोल पंपों और शहरी इलाकों में लगातार नए चार्जिंग प्वाइंट्स स्थापित किए जा रहे हैं।
ग्रीन एनर्जी से चार्जिंग: चार्जिंग स्टेशनों को सौर ऊर्जा (Solar Power) से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है ताकि वाहन पूरी तरह से 'जीरो एमिशन' (Zero Emission) रहें।
4. आम नागरिक को क्या होगा फायदा?
कम रनिंग कॉस्ट: पेट्रोल गाड़ी का खर्च जहां ₹2 से ₹3 प्रति किलोमीटर आता है, वहीं ईवी का खर्च महज 40 से 50 पैसे प्रति किलोमीटर रहता है।
कम मेंटेनेंस: पेट्रोल/डीजल गाड़ियों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों में मूविंग पार्ट्स कम होते हैं, जिससे सर्विसिंग का खर्च काफी कम हो जाता है।
संपादकीय टिप्पणी:
भविष्य हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों का ही है। अगर आप भी नया वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाकर ईवी पर स्विच करना एक समझदारी भरा निर्णय हो सकता है। देश-दुनिया की ऐसी ही सटीक खबरों के लिए हमारे ब्लॉग 'वेब फ़ास्ट न्यूज़' को फॉलो करें।
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