अल्मोड़ा। जनपद अल्मोड़ा के वाहन स्वामियों और टैक्सी संचालकों की व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि जब तक अल्मोड़ा में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) पूर्ण रूप से स्थापित और संचालित नहीं हो जाता, तब तक वाहनों की फिटनेस जांच की मैनुअल व्यवस्था पूर्ववत जारी रखी जाए।
हल्द्वानी जाने से बढ़ रहा आर्थिक और मानसिक बोझ
अल्मोड़ा में वर्तमान में ATS सुविधा उपलब्ध न होने के कारण वाहन स्वामियों को फिटनेस जांच के लिए वाहनों को हल्द्वानी स्थित ATS केंद्र ले जाना पड़ रहा है। पर्वतीय मार्गों से हल्द्वानी तक वाहनों को ले जाने से चालकों और वाहन स्वामियों पर अतिरिक्त समय, ईंधन और अन्य खर्चों का भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
परमिट और स्कूली वाहनों की प्रमुख समस्याएं
पत्र में महेश नयाल ने पर्वतीय क्षेत्र की भौगोलिक और व्यावहारिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए निम्नलिखित बिंदु उठाए:
- सीमित परमिट: कई व्यावसायिक वाहनों के परमिट केवल जनपद अल्मोड़ा तक ही सीमित हैं, जिससे उन्हें जिले से बाहर ले जाना वैधानिक रूप से कठिन होता है।
- विद्यालयी बसें: स्कूली बसों के परमिट जिला स्तरीय होने के कारण उन्हें फिटनेस के लिए हल्द्वानी ले जाना व्यावहारिक रूप से सही नहीं है।
- सुरक्षा जोखिम: पर्वतीय मार्गों पर बिना फिटनेस या लंबी दूरी तक वाहनों को ले जाने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
स्थायी समाधान के लिए ATS शीघ्र शुरू करने की अपील
महेश नयाल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि अल्मोड़ा RTO में ATS केंद्र की स्थापना और संचालन को जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि ATS केंद्र के चालू होने तक मैनुअल फिटनेस की अनुमति मिलने से स्थानीय वाहन चालकों, टैक्सी संचालकों और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

एक टिप्पणी भेजें