अल्मोड़ा जिला अस्पताल: न शिफ्ट होगा, न खाली रहेगा—रघुनाथ सिंह चौहान का बड़ा बयान, 1 हफ्ते में लौटेगा फिजिशियन!

 


अल्मोड़ा जिला चिकित्सालय को लेकर पिछले दो महीनों से बनी असहज स्थिति और अस्पताल शिफ्टिंग को लेकर चल रही अफवाहों पर पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने पूर्ण विराम लगा दिया है। स्वास्थ्य मंत्री से हुई सीधी वार्ता के बाद उन्होंने जनता के समक्ष स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ी राहत और स्पष्टीकरण जारी किया है।

मुख्य बिंदु और राजनीतिक संदेश

1 सप्ताह के भीतर फिजिशियन की वापसी: पिछले 2 महीनों से फिजिशियन न होने के कारण गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को हो रही असुविधा पर कड़ा रुख अपनाते हुए चौहान ने स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता की। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अगले 7 दिनों में विशेषज्ञ चिकित्सक वापस पदभार संभाल लेंगे।

अस्पताल शिफ्टिंग की खबरों पर लगा विराम: रघुनाथ सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि जिला अस्पताल को शिफ्ट करने की बात पूरी तरह भ्रामक और वास्तविकता से परे है। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया है कि एक ही परिसर में चलने वाले अस्पतालों के संदर्भ में कही गई बात को अल्मोड़ा पर लागू नहीं किया जा सकता।

1998 से जुड़ा भावनात्मक और विकास का संबंध: पूर्व उपाध्यक्ष ने याद दिलाया कि वर्ष 1998 में उन्होंने स्वयं साढ़े चार करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कराकर इस अस्पताल की सुविधाओं का विस्तार किया था। जिस संस्थान को वर्षों के प्रयास से स्थापित किया गया, उसे स्थानांतरित करने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

पर्वतीय क्षेत्र में स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करने की प्रतिबद्धता

अल्मोड़ा जिला अस्पताल केवल शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के दूर-दराज के ग्रामीण पर्वतीय इलाकों के लिए भी स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र है। रघुनाथ सिंह चौहान ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार का मूल उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को उसी स्थान पर और अधिक मजबूत व सुलभ बनाना है।

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