उत्तराखंड ,अल्मोड़ा ,हल्द्वानी
यदि आप देवभूमि उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों की सैर पर निकल रहे हैं या कुमाऊं की तरफ सफर करने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कुमाऊं की 'लाइफलाइन' कहे जाने वाले भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग

पर स्थित रामगाड़ पुल क्षतिग्रस्त हो गया है।
यात्रियों की सुरक्षा और पुल के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इस मार्ग पर भारी व मालवाहक वाहनों की आवाजाही को लेकर कड़ा फैसला लिया है।
पुल कैसे हुआ क्षतिग्रस्त और क्या है मौजूदा स्थिति?
बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण रामगाड़ पुल के सुरक्षा दीवार (अप्रोच विंग वॉल) का लगभग 12 मीटर का हिस्सा ढहकर नीचे नदी में समा गया। इस भू-धंसाव के कारण अब पुल की उपयोगी चौड़ाई घटकर महज 3.50 मीटर ही रह गई है।
पुल और सड़क को और अधिक नुकसान न पहुंचे, इसी सुरक्षा को देखते हुए अपर जिलाधिकारी और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर 20 जुलाई 2026 तक 24 घंटे के लिए भारी व मालवाहक वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
राहत की खबर: इस प्रतिबंध से यात्री वाहन, सेना के वाहन, आवश्यक सामग्री जैसे गैस, तेल, दूध आदि ले जाने वाली गाड़ियों को छूट दी गई है। छोटे वाहन सावधानीपूर्वक एक-एक करके पुल से गुजर पा रहे हैं।
भारी वाहनों के लिए नया रूट डायवर्जन प्लान (Route Diversion)
अगर आप भारी वाहन या मालवाहक गाड़ी से सफर कर रहे हैं, तो प्रशासन द्वारा तय किए गए इन वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें:
अल्मोड़ा/रानीखेत से हल्द्वानी जाने के लिए: सभी भारी वाहन क्वारब ➔ नथुवाखान ➔ रामगढ़ ➔ भवाली होकर हल्द्वानी की ओर जा सकेंगे।
हल्द्वानी से अल्मोड़ा जाने के लिए: भारी वाहन खुटानी मार्ग का उपयोग करेंगे। अन्य मालवाहक वाहन भवाली ➔ रामगढ़ ➔ नथुवाखान ➔ क्वारब मार्ग से जा सकते हैं।
हल्द्वानी से रानीखेत जाने के लिए: भारी वाहन भवाली ➔ रामगढ़ ➔ नथुवाखान ➔ क्वारब ➔ खैरना मार्ग से गुजरेंगे।
नैनीताल व ज्योलीकोट से अल्मोड़ा/रानीखेत जाने के लिए: सभी भारी व मालवाहक वाहन भवाली ➔ रामगढ़ ➔ नथुवाखान ➔ क्वारब रूट का इस्तेमाल करेंगे।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
अपडेटेड रहें: पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ा हुआ है। अपनी यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय समाचारों और पुलिस ट्रैफिक एडवाइजरी को जरूर चेक करें।
सफर में एक्स्ट्रा समय लेकर चलें: रूट डायवर्जन और संकरे पहाड़ी रास्तों के कारण आपको अपनी मंजिल तक पहुँचने में तय समय से अधिक वक्त लग सकता है।
रात के सफर से बचें: बारिश के मौसम में धुंध और अचानक होने वाले लैंडस्लाइड के कारण रात में पहाड़ों पर ड्राइव करना जोखिम भरा हो सकता है।
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