14 साल बाद महंगा हुआ पासपोर्ट: 1 जुलाई से लागू होंगी नई दरें

 


केंद्र सरकार ने पासपोर्ट बनवाने और इससे जुड़ी अन्य सेवाओं के शुल्क में बड़ा बदलाव किया है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी 'पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026' के तहत नई फीस व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी। यह 2012 के बाद पहला मौका है जब पासपोर्ट की फीस में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की गई है।

पासपोर्ट की नई फीस (प्रमुख श्रेणियां)

पासपोर्ट सेवा पुरानी फीस नई फीस (1 जुलाई से)

36 पेज का सामान्य पासपोर्ट₹1,500 ₹2,500

36 पेज का तत्काल पासपोर्ट₹3,500 ₹5,000

60 पेज का सामान्य पासपोर्ट₹2,000 ₹3,500

60 पेज का तत्काल पासपोर्ट₹4,000₹ 6,000

खोए या क्षतिग्रस्त (Lost/Damaged) पासपोर्ट के लिए भारी बढ़ोतरी

यदि आपका पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो उसे बदलवाने (re-issue) के लिए अब आपको काफी अधिक शुल्क देना होगा:

36 पेज (सामान्य): ₹5,000 (पहले ₹1,500)

36 पेज (तत्काल): ₹7,500 (पहले ₹3,500)

60 पेज (सामान्य): ₹6,000 (पहले ₹2,000)

60 पेज (तत्काल): ₹8,500 (पहले ₹4,000)

महत्वपूर्ण बातें:

क्यों बढ़ाई गई फीस: सरकार ने प्रशासनिक लागत, पासपोर्ट के आधुनिकीकरण और चिप-आधारित ई-पासपोर्ट की बढ़ती मांग के चलते यह निर्णय लिया है।

किसे होगा फायदा: 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए पासपोर्ट आवेदनों पर 10% की छूट का प्रावधान बरकरार है।

लागू होने की तिथि: यह बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2026 को या उसके बाद जमा किए जाने वाले सभी नए आवेदनों और रिन्यूअल पर लागू होंगी।

नोट: पासपोर्ट सेवा केंद्र या आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करने से पहले एक बार नई शुल्क सूची (Fee Schedule) को अवश्य जांच लें, क्योंकि शुल्क में बदलाव आवेदन की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

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