खेत बचाओ अभियान’ के तहत मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक और कृषि यंत्रों पर बल


भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ग्राम दरिमा, जनपद नैनीताल में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत कृषक जागरूकता एवं कृषि यंत्र प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 4 महिला किसानों सहित कुल 13 किसानों ने प्रतिभाग किया।


कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रियंका ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण, संतुलित पोषक तत्वों एवं उर्वरकों के उपयोग तथा केंचुआ खाद के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग और उसमें दी गई सिफारिशों के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग करने से मृदा की उर्वरता बनाए रखने, उत्पादन लागत कम करने तथा फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलती है।



इस अवसर पर डॉ. मनोज कुमार ने किसानों हेतु विभिन्न कृषि यंत्रों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसमें विभिन्न कटिंग व्यवस्थाओं वाले ब्रश कटर, वीडर संलग्न कृषि यंत्र तथा फलों की तुड़ाई के लिए हार्वेस्टिंग पोल का प्रदर्शन शामिल था। किसानों को इन यंत्रों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता तथा कृषि कार्यों में इनके संभावित लाभों के बारे में बताया गया। किसानों ने स्वयं भी इन यंत्रों को चलाकर देखा और इनके संचालन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।


कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रति जागरूक करना तथा पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक, कम श्रमसाध्य एवं प्रभावी बनाना था। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने और उपलब्ध कृषि तकनीकों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

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