भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा “नकदी फसलों की उन्नत खेती पर तकनीकी प्रशिक्षण” विषय पर तीन दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित


भाकृअनुप–विवेकानन्‍द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा निदेशक डॉ. लक्ष्‍मी कान्‍त के मार्गदर्शन में “नकदी फसलों की उन्नत खेती" पर तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 07से 09 सितम्बर 2026 तक संस्थान के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र, हवालबाग में किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हिमोत्थान सोसाइटी,अल्मोड़ा द्वारा टाटा ट्रस्ट की “हिमालयी कृषि विकास पहल” के अन्तर्गत नैनीताल जिले के धारी विकासखण्ड के किसानों के लिये आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 28 प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिसमें 21 पुरुष एवं 07 महिला किसान सम्मिलित रहीं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को नकदी एवं उच्च मूल्य वाली फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों के साथ ही कटाई एवं तुड़ाई के उपरान्त प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन एवं उत्पादों के विपणन के संबंध में वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान किसान प्रतिभागियों कोउन्नत सब्जी उत्पादन हेतु उचित नर्सरी प्रबंधन, बेमौसमी सब्जी उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य एवं संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन तथा सब्जी फसलों में समेकित रोग एवं कीट प्रबंधन की विस्तृत जानकारी व्याख्यानों एवं भ्रमणों के माध्यम से प्रदान की गई। इसके साथ ही पर्वतीय कृषि प्रणाली में फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के बहुआयामों, उच्च मूल्य वाली फसलों में मूल्यवर्धन तथा मृदा एवं जल संरक्षण प्रौद्योगिकियों का भी व्यावहारिक प्रदर्शन किसानों के साथ साझा किया गया।


प्रशिक्षण के दौरान “उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों की मूल्य श्रृंखला : खेत से बाजार तक ”विषय पर किसानों को उत्पादन के साथ-साथ, बाजार से जुड़ाव एवं उचित मूल्य प्राप्त करने के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में कृषक-वैज्ञानिक संवाद आयोजित किया गया, जिसमें कृषकों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याओं, अनुभवों एवं जिज्ञासाओं को वैज्ञानिकों के साथ साझा किया। आशा है कि कृषक इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ उठाकर नकदी फसलों की उन्‍नत खेती करके अपनी आय बढ़ा सकते है।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर कृषकों को प्रमाण-पत्र एवं परंपरागत पोषक अनाज फसलों के मूल्यवर्धित उत्पादों का वितरण किया गया। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन भाकृअनुप–विवेकानन्‍द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के वैज्ञानिकों डॉ. महेन्द्र सिंह भिण्डा, डॉ. सुशील कुमार एवं डॉ. दिवेकर द्वारा किया गया।

Post a Comment

और नया पुराने