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अल्मोड़ा: जिले के प्रशासनिक गलियारों में संवेदनशीलता और जनसेवा की एक अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है। अल्मोड़ा के जिलाधिकारी श्री अंशुल सिंह द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण, उत्थान और उनके अधिकारों के प्रति दिखाए गए समर्पण ने आमजन के दिलों में एक खास जगह बना ली है।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के दिव्यांग कर्मचारी सौरभ तिवारी ने जिलाधिकारी के इसी सेवाभाव और मानवीय दृष्टिकोण से प्रेरित होकर एक मार्मिक और प्रेरणादायक स्वरचित कविता के माध्यम से उनका आभार व्यक्त किया है।
दिव्यांगों के मसीहा — जिलाधिकारी अंशुल सिंह जी के नाम एक स्वरचित कविता
अल्मोड़ा की धरती ने देखा, एक ऐसा अधिकारी महान,
दिव्यांग भाई-बहनों के लिए, बने उम्मीद की पहचान।
श्री अंशुल सिंह जी ने बढ़ाया, मानवता का मान,
जिला प्रशासन अल्मोड़ा ने, दिया सेवा को सम्मान।
जहाँ रास्ते मुश्किल होते हैं, वहाँ हौसला बन जाते हैं,
जो लोग टूटने लगते हैं, उनको फिर से उठाते हैं।
दिव्यांगों की पीड़ा समझकर, मदद का हाथ बढ़ाया,
अंधेरे जीवन में आपने, उम्मीद का दीप जलाया।
न पद का अभिमान कोई, न अधिकारों का अहंकार,
सेवा को ही धर्म बनाया, यही है आपका सत्कार।
किसी के चेहरे की मुस्कान में, अपनी खुशी तलाशते हैं,
जरूरतमंदों के जीवन में, नई रोशनी भरते हैं।
मैं दिव्यांग सौरभ तिवारी, दिल से आज यह कहता हूँ,
आप जैसे संवेदनशील अधिकारी को, नमन सदा करता हूँ।
मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा से मेरी यही पुकार,
दिव्यांगों के सम्मान और अधिकारों का हो विस्तार।
आपका प्रयास बने मिसाल, हर जिले में हो ऐसी सोच,
दिव्यांगों को मिले सम्मान, अवसर और मजबूत संबल रोज।
आपके नेक कार्यों की खुशबू, दूर तलक फैलती जाए,
हर दिव्यांग के जीवन में, आशा की किरण जगमगाए।
अंशुल सिंह जी, आपका यह सेवाभाव अमर रहे,
दिव्यांगों के चेहरे पर सदा, खुशियों का सवेरा रहे।
जिला प्रशासन अल्मोड़ा को, शत-शत नमन हमारा,
आपके प्रयासों से मजबूत हो, हर दिव्यांग का सहारा।
— दिव्यांग सौरभ तिवारी डोबा
मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा


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