मुख्य सचिव के निर्देशों पर विभागों की लेटलतीफी से संगठन में भारी आक्रोश
चंपावत, 11 अगस्त 2026
सचिवालय स्तर से जारी निर्देशों का विभागों द्वारा पालन न किए जाने और तय समय पर समीक्षा बैठक न बुलाए जाने से एसएसबी गुरिल्ला संगठन में भारी आक्रोश है। मंगलवार को चंपावत में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संगठन के पदाधिकारियों ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। गुरिल्लाओं ने दो टूक कहा है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं को प्रवेश नहीं करने देंगे।
15 दिन में होनी थी बैठक, अब तक नहीं हुई कार्रवाई
संगठन ने बताया कि मुख्य सचिव आनंद वर्धन जी द्वारा सचिवालय स्तर से सभी संबंधित विभागों को एसएसबी गुरिल्लाओं के हित में आवश्यक निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही, मुख्य सचिव और अपर सचिव द्वारा गुरिल्लाओं के संबंध में 15 दिनों के भीतर एक बैठक आयोजित करने का स्पष्ट आश्वासन दिया गया था। लेकिन, इस अवधि के बीत जाने के बावजूद विभागों द्वारा कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे गुरिल्लाओं में निराशा और रोष है।
संगठन ने शासन के सामने रखीं दो प्रमुख मांगें:
त्वरित कार्रवाई: मुख्य सचिव द्वारा विभागों को जो भी निर्देश दिए गए हैं, सभी विभाग उन पर अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करें।
समीक्षा बैठक का आयोजन: मुख्य सचिव और अपर सचिव तुरंत सचिवालय स्तर पर एक समीक्षा बैठक बुलाएं, जिसमें एसएसबी गुरिल्लाओं के प्रदेश अध्यक्ष और सभी जिला अध्यक्षों को आमंत्रित किया जाए।
सचिवालय कूच की चेतावनी
संगठन के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा उन्हें सम्मानपूर्वक समीक्षा बैठक के लिए नहीं बुलाया जाता है, तो प्रदेश अध्यक्ष और सभी जिला अध्यक्ष स्वयं सचिवालय पहुंचकर मुख्य सचिव से मुलाकात करेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही, यदि सरकार उनकी अनदेखी करती है, तो गुरिल्ला अपने क्षेत्रों में पूर्ण रूप से राजनीतिक दलों का बहिष्कार करेंगे।
विज्ञप्ति जारी करने वाले प्रमुख पदाधिकारी:
इस चेतावनी और प्रेस विज्ञप्ति को जारी करने वालों में चंपावत के जिला अध्यक्ष ललित बगोली, के०एन० पन्त, भगवत पांडे, महेश पाठक, कृष्ण राम, स्वरूप राम, हीरा बल्लभ जोशी, मोहन खर्कवाल, अमर राम और ललित मोहन गहतोड़ी प्रमुख रूप से शामिल रहे। पदाधिकारियों ने एक स्वर में "जय उत्तराखंड, जय एसएसबी गुरिल्ला संगठन" का नारा देते हुए अपने संघर्ष को तेज करने का ऐलान किया है।

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