अल्मोड़ा के पपरशैली में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन: 15 ग्रामीणों को मिला परामर्श, एक माइनर सर्जरी भी हुई सफल ।

 


दिनांक: 12 जुलाई,

स्थान: पपरशैली अल्मोड़ा (उत्तराखंड)

दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से आज अल्मोड़ा के पपरशैली में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। ज्योति जन स्वास्थ्य सेवा समिति द्वारा उत्तरायणी फाउंडेशन के सहयोग से यहाँ एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को उनके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दीं सेवाएँ, हुआ निःशुल्क इलाज

इस शिविर में क्षेत्र के अनुभवी और वरिष्ठ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएँ दीं, जिससे ग्रामीणों को बड़ा लाभ मिला:

डॉ. के. पी. कुनियाल (वरिष्ठ सर्जन): इन्होंने मरीजों की सर्जिकल समस्याओं की जाँच की और उचित मार्गदर्शन दिया।

डॉ. ज्योत्सना कुनियाल (आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं अंतरराष्ट्रीय योग प्रशिक्षिका): इन्होंने आयुर्वेदिक पद्धतियों और योग के माध्यम से बीमारियों के निवारण के उपाय बताए।

शिविर के दौरान लगभग 15 रोगियों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मरीजों को न केवल निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श दिया गया, बल्कि उन्हें आवश्यक उपचार संबंधी सलाह और स्वास्थ्य मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

विशेष उपलब्धि: शिविर के दौरान ही एक माइनर सर्जरी (लघु शल्य चिकित्सा) भी पूरी सफलता के साथ संपन्न की गई, जिससे मरीज को तुरंत राहत मिली।

बीमारियों से बचाव और जागरूकता पर जोर

सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि बीमारी से बचाव पर भी इस शिविर में विशेष ध्यान दिया गया। उपस्थित ग्रामीणों को स्वास्थ्य संवर्धन के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं, जैसे:

संतुलित आहार: स्वस्थ रहने के लिए सही पोषण की अहमियत।

नियमित योग और आयुर्वेद: दैनिक जीवन में योग और आयुर्वेदिक जीवनशैली को अपनाकर बीमारियों से दूर रहने के तरीके।

रोगों की रोकथाम: सामान्य और मौसमी बीमारियों से बचने के प्रभावी उपाय।

भविष्य में भी जारी रहेगा यह सेवा कार्य।

शिविर की सफलता के बाद ज्योति जन स्वास्थ्य सेवा समिति और उत्तरायणी फाउंडेशन ने अपने सामाजिक संकल्प को और मजबूत किया है। दोनों संस्थाओं ने दोहराया कि वे भविष्य में भी ऐसे सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करते रहेंगे, ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच सकें।

अंत में, समिति ने इस पुनीत कार्य को सफल बनाने के लिए सभी डॉक्टरों, सहयोगी संस्थाओं, स्थानीय ग्रामीणों और ऊर्जावान स्वयंसेवकों का दिल से आभार व्यक्त किया।

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