चमोली में मौसम ने बदली करवट, हेमकुंड साहिब समेत ऊंची चोटियों पर बर्फबारी; सफेद चादर में लिपटीं पहाड़ियां

 


चमोली। जनपद चमोली में मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। जोशीमठ क्षेत्र में देर रात से बारिश जारी रही, जबकि हेमकुंड साहिब, बदरीनाथ धाम और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली की ऊंची चोटियों पर जमकर बर्फबारी हुई। बर्फबारी के बाद पहाड़ों ने सफेद चादर ओढ़ ली। सुबह मौसम साफ होने और धूप खिलने के बाद बर्फ से ढकी चोटियां चांदी की तरह चमकती नजर आईं। इन खूबसूरत नजारों की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जो पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता को बयां कर रही हैं।


हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बाद पूरे क्षेत्र का नजारा बदला हुआ दिखाई दिया। गुरुद्वारा परिसर सहित आसपास की ऊंची पहाड़ियां बर्फ से ढक गईं। चारों ओर फैली सफेदी और पहाड़ियों पर पड़ती धूप ने यहां की सुंदरता में चार चांद लगा दिए। ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो प्रकृति ने हेमकुंड साहिब को बर्फ के आभूषणों से सजा दिया हो। यहां पहुंचने वाले सिख श्रद्धालुओं को चारों ओर बर्फ से ढकी चोटियों का मनमोहक दृश्य देखने को मिला। बर्फबारी के बीच हेमकुंड साहिब का यह नजारा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।


गौरतलब है कि हेमकुंड साहिब में कपाट बंद होने से एक दिन पहले जमकर बर्फबारी हुई। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में दर्शन को लेकर उत्साह देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक तीन लाख 70 हजार से अधिक श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में मत्था टेक चुके हैं। हेमकुंड साहिब सिख समुदाय का प्रमुख तीर्थस्थल है, जहां हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।


वहीं, मौसम में आए बदलाव का असर पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान पर भी दिखाई देने लगा है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। सुबह और देर शाम ठंड बढ़ने के चलते लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में मैदानी इलाकों की तुलना में ठंड का असर पहले दिखाई देने लगता है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद सर्द मौसम का एहसास और बढ़ गया है।


चमोली जनपद में हुई बारिश और बर्फबारी से जहां ऊंची चोटियों का नजारा पूरी तरह बदल गया है, वहीं बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और औली के आसपास के क्षेत्रों में प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बन रही है। सुबह खिली धूप के बीच बर्फ से ढकी पहाड़ियां दूर तक चमकती दिखाई दीं। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, ऐसे में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

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