अल्मोड़ा ने खोया अपना 'रक्तदाता' और जनसेवक: किशन गुरुरानी के निधन से सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर।


अल्मोड़ा। अल्मोड़ा नगर के सुप्रसिद्ध व्यवसायी, समाजसेवी और रेडक्रॉस सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष ,अल्मोड़ा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के प्रथम सचिव रहे। धारानौला रामलीला कमेटी के संरक्षक किशन चंद्र गुरुरानी जी का अचानक असमय निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से पूरे अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। अपने जीवन को गरीबों, वंचितों और जिला चिकित्सालय में आने वाले असहाय रोगियों की सेवा में समर्पित करने वाले किशन गुरुरानी जी का यूँ अचानक चले जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।



जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने से लेकर जरूरतमंद रोगियों के लिए रात-दिन रक्त की व्यवस्था कराने तक, किशन जी सदैव अग्रणी रहे। युवाओं को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का ही प्रतिफल है कि आज अल्मोड़ा के दर्जनों युवा 24 घंटे मरीजों की सहायता के लिए तत्पर रहते हैं।



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"मेरे छोटे भाई, अभिन्न सहयोगी और 'दाज्यू' कहने वाले किशन जी का जाना एक अपूरणीय व्यक्तिगत क्षति" — एक भावुक संस्मरण

किशन गुरुरानी जी का निधन केवल समाज के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे व्यक्तिगत जीवन के लिए भी एक ऐसा वज्राघात है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। वे केवल एक प्रबुद्ध व्यवसायी या समाजसेवी नहीं थे, बल्कि मेरे अभिन्न सहयोगी और हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने वाले आत्मीय छोटे भाई समान थे।

सामाजिक जीवन हो या पारिवारिक, किशन जी हमेशा एक मजबूत स्तंभ की तरह मेरे साथ खड़े रहे। राजनीतिक रूप से भले ही हमारी विचारधाराएँ अलग रही हों, लेकिन हमारे व्यक्तिगत संबंधों में इसका असर कभी नहीं पड़ा। वे सदैव मुझे बड़े भाई का दर्जा देते हुए आत्मीयता से “दाज्यू” कहकर पुकारते थे। उनका वह स्नेह और निश्छल अपनापन अब केवल स्मृतियों में शेष रह गया है।

मानव सेवा ही था जीवन का अंतिम ध्येय

शायद ही कोई ऐसा दिन बीतता हो जब किशन जी जिला अस्पताल न जाते हों। अस्पताल में मरीजों को सही इलाज और सुविधाएँ मिल रही हैं या नहीं, इसकी चिंता उन्हें हमेशा रहती थी। रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन सहित कई पदों पर रहते हुए उन्होंने सेवा को औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि अपने जीवन का मुख्य ध्येय बनाया।

उनका असमय जाना मेरे जीवन में एक गहरा शून्य छोड़ गया है। उनकी सरलता, सेवाभाव और हर सुख-दुःख में साथ निभाने की निष्ठा सदैव याद आएगी।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह असीम कष्ट सहने की शक्ति प्रदान करें।

भावभीनी श्रद्धांजलि!

ॐ शांति। 🙏

यादें 

भूतपूर्व पालिकाध्यक्ष श्री प्रकाश चंद्र जोशी की फेस बुक वॉल से।




शोक श्रद्धांजलि

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता, जरूरतमंदों और बीमार लोगों की दशकों से सेवा में तत्पर रहे तथा व्यापार मंडल से जुड़े किशन गुरुरानी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। पार्टी ने उनके निधन को अल्मोड़ा के नागरिक समाज की अपूरणीय क्षति बताया है।

उपपा संयोजक पी.सी. तिवारी ने कहा कि छात्र जीवन से ही किशन गुरुरानी जी से उनके घनिष्ठ संबंध रहे। वे बेहद शालीन, सुलझे हुए, संवेदनशील और सहृदय इंसान थे। जरूरतमंदों की मदद और सेवा के प्रति उनका समर्पण उन्हें सबसे अलग पहचान देता था।

तिवारी ने कहा कि किशन जी के निधन से अल्मोड़ा के नागरिक जीवन को गहरा आघात लगा है। नागरिक समाज को उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।

किशन गुरुरानी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि।
ॐ शांति।

भावभीनी श्रद्धांजलि 

वेब फास्ट न्यूज परिवार भी स्व किशन गुरुरानी जी के निधन पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि मृतक आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

1 टिप्पणियाँ

  1. स्व0 श्री किशन गुरुरानी जी एक बहुत ही सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। समाज सेवा में वे हमेशा आगे रहते थे। उनका अचानक यूं चले जाना अल्मोड़ा वासियों के लिये एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दे। ओम शान्ति।

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