अल्मोड़ा: स्थानीय बीएसएनएल (BSNL) कार्यालय में कार्यरत अपकीप (रखरखाव) कर्मचारियों को इस वर्ष जनवरी महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। महीनों से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अपनी मांगों की अनदेखी से आक्रोशित होकर कर्मचारी आज डीजीएम (DGM) कार्यालय में धरने पर बैठ गए।
न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ और ईएसआई में भी गोलमाल
कर्मचारियों का आरोप है कि उनका टेंडर 'मिनिमम वेज' (न्यूनतम मजदूरी) के तहत आता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है। इसके अलावा, उनके वेतन से कटने वाले ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) का भी ठेकेदार द्वारा कोई हिसाब-किताब नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि बीएसएनएल में यह ठेका PNG CREATIVE POWER ELECTRONICS (INDIA) DELHI के पास था, जिसके मालिक जीपी मोरिया हैं। वर्षों से अपनी ईमानदारी से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों का कहना है कि बीएसएनएल प्रबंधन और ठेकेदार की मिलीभगत और लापरवाही का सीधा खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
डीजीएम सत्य नारायण सिंह रावत से वार्ता रही बेनतीजा
वेतन की मांग को लेकर डीजीएम कार्यालय में बैठे कर्मचारियों ने डीजीएम श्री सत्य नारायण सिंह रावत से भी वार्ता की। लेकिन कर्मचारियों के हाथ केवल निराशा ही लगी। कर्मचारियों का कहना है कि डीजीएम से बातचीत के बाद भी समस्या का कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है और उन्हें समाधान की बजाय केवल कोरे आश्वासन ही दिए जा रहे हैं।
ये कर्मचारी रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन और मांग उठाने वालों में मुख्य रूप से दीक्षा हरबोला, हिमांशु नगरकोटी और दीप चंद्र भट्ट शामिल रहे। वहीं, कर्मचारियों के इस संघर्ष और धरने में समर्थन देने वालों में प्रकाश उपाध्याय, विक्रम नेगी, गोपाल सिंह ,तनुजा हरबोला, उमेश तिवारी, संजय भट्ट और आनंद सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और ठेकेदार व प्रबंधन के खिलाफ अपना विरोध जताया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके रुके हुए वेतन का भुगतान और पीएफ का हिसाब नहीं दिया गया, तो वे आगे भी कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।

एक टिप्पणी भेजें