नमस्कार दोस्तों! अगर आप उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, लोक कला और अगाध आस्था के साक्षी बनना चाहते हैं, तो अपनी ट्रेवल लिस्ट में अल्मोड़ा का नाम सबसे ऊपर रख लीजिए। अल्मोड़ा की पहचान और कुमाऊं की धरोहर, ऐतिहासिक माँ नंदा देवी मेला इस साल 15 सितंबर से 23 सितंबर तक आयोजित होने जा रहा है।
इस बार का मेला क्यों खास होने वाला है और क्या हैं तैयारियां, आइए आपको बताते हैं इस ब्लॉग में!
📅 नोट कर लें मुख्य तारीखें (Key Dates)
- मेले का आयोजन: 15 सितंबर से 23 सितंबर 2026
- विधिवत उद्घाटन: 16 सितंबर (पंचमी के शुभ अवसर पर)
- नंदा देवी प्रांगण
- एडम्स का ऐतिहासिक प्रांगण
- मुख्य संयोजक: ताराचंद जोशी जी
- मुख्य सांस्कृतिक संयोजक: अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा' जी
💡 खास बात: इस बार मेला समिति का पूरा प्रयास है कि देवभूमि के मुख्यमंत्री जी के कर-कमलों द्वारा इस भव्य मेले का उद्घाटन कराया जाए। पिछली बार मौसम की खराबी (बारिश) के कारण ऐसा नहीं हो पाया था, लेकिन इस बार उम्मीदें और उत्साह दोगुना है!
👑 राजशाही परंपरा और सांस्कृतिक रंग
कुमाऊं के इतिहास से जुड़ा यह मेला अपनी परंपराओं के लिए जाना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी चंद वंशज राजपरिवार द्वारा माँ नंदा देवी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मेले का आधिकारिक शुभारंभ किया जाएगा।
मेले को और भी आकर्षक और भव्य बनाने के लिए दो मुख्य मंच तैयार किए जा रहे हैं:
इन दोनों ही जगहों पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति, कुमाऊंनी लोक नृत्य, संगीत और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच मिलेगा।
🤝 तैयारियों की कमान: ये संभाल रहे हैं जिम्मेदारी
मेले को सुव्यवस्थित और भव्य रूप देने के लिए मंदिर समिति ने कमर कस ली है। इस साल की मुख्य जिम्मेदारियां इन कंधों पर हैं:
मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने बताया कि जल्द ही नगर के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों (जिलाधिकारी) के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग होने वाली है, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षा और व्यवस्था का बेहतरीन अनुभव मिल सके।
최근 आयोजित हुई बैठक में मंदिर समिति के सचिव मनोज सनवाल, व्यवस्थापक अनूप साह, सदस्य नरेंद्र वर्मा, रवि गोयल, कुलदीप सिंह मेर सहित मेला समिति के कई युवा सदस्य जैसे अमित साह मोनू, अभिषेक जोशी और रक्षित साह आदि उपस्थित रहे।
✨ क्यों आएं आप इस बार?
अगर आप पहाड़ों की जीवंत संस्कृति को करीब से महसूस करना चाहते हैं, पारंपरिक वाद्य यंत्रों (ढोल-दमाऊ) की थाप पर थिरकना चाहते हैं और माँ नंदा-सुनंदा का आशीर्वाद लेना चाहते हैं, तो इस सितंबर अल्मोड़ा आपका इंतजार कर रहा है।
क्या आप इस बार नंदा देवी मेले में आ रहे हैं? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और इस पोस्ट को अपने पहाड़ी दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें!
जय माँ नंदा-सुनंदा! 🙏

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