कैंची धाम में गूँजी 'जय बाबा की': अमेरिका से आए मैक्स के लिए 'घर वापसी' जैसा रहा स्थापना दिवस!
कैंची धाम के पावन आँगन में आज आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि जैसे पूरी दुनिया वहीं सिमट आई हो। बाबा नीब करोरी महाराज के स्थापना दिवस पर लाखों भक्तों की भीड़ के बीच एक चेहरा सबसे खास रहा—अमेरिका से आए भक्त मैक्स विलियम्स।
आध्यात्मिक सफर: रामदास जी के शब्दों से जुड़ा नाता
मैक्स की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। साल 2020 में, जब दुनिया थम सी गई थी, तब रामदास जी के व्याख्यानों ने मैक्स के जीवन की दिशा बदल दी। बाबा नीब करोरी के प्रति अटूट विश्वास ने उन्हें ऐसा बाँधा कि आज उनका पूरा जीवन ही बाबा की सेवा को समर्पित हो चुका है।
"बाबा ने मुझे अपने घर वापस बुला लिया!"
पहली बार कैंची धाम की देहरी पर कदम रखने वाले मैक्स की आँखों में भावुकता साफ झलक रही थी। अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा:
"यहाँ की मिट्टी में कुछ अलग ही जादू है। जैसे ही मैंने यहाँ कदम रखा, ऐसा लगा जैसे मैं किसी अंजानी जगह नहीं, बल्कि अपने घर वापस आ गया हूँ। बाबा ने मुझे बुला लिया है।"
उन्होंने यहाँ की आत्मीयता और लोगों के प्रेम को देखकर कहा कि यहाँ का वातावरण उन्हें असीम शांति और अपनापन दे रहा है।
प्रशासन की मुस्तैदी का कायल हुआ विदेशी भक्त
स्थापना दिवस पर उमड़ी भारी भीड़ को संभालना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन नैनीताल पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था ने मैक्स को भी प्रभावित किया। उन्होंने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए प्रशासन की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद जिस तरह सब कुछ व्यवस्थित था, वह काबिले तारीफ है।
कैंची धाम की यह पावन भूमि आज फिर एक बार गवाह बनी कि बाबा नीब करोरी का प्रेम भौगोलिक सीमाओं को नहीं जानता; यह तो बस आत्माओं को जोड़ने वाला एक अदृश्य सूत्र है।
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