उत्तराखंड में मानसून की मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।और मौसम भी बहुत सुहावना हो गया हैं अगर आप देवभूमि या कुमाऊँ के खूबसूरत पहाड़ों (अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़) की तरफ रुख करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए बेहद जरूरी है। मौसम विभाग (IMD) की भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
बड़ा प्रशासनिक फैसला: अल्मोड़ा में एक सप्ताह तक सभी बैठकें और शिविर स्थगित
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी भारी बारिश और संभावित प्राकृतिक आपदा की चेतावनी को देखते हुए अल्मोड़ा के जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने एक बड़ा आदेश जारी किया है:
- बैठकें और शिविर सस्पेंड: जनपद के सभी विभागों को आगामी एक सप्ताह तक अपनी सभी प्रस्तावित विभागीय बैठकों, समीक्षा बैठकों, शिविरों और बीडीसी (BDC) बैठकों को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- अधिकारी रहेंगे फील्ड में तैनात: इस अवधि में किसी भी अधिकारी को मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र (फील्ड) में मौजूद रहकर संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे।
- 24×7 एक्टिव रहेगा कंट्रोल रूम: जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और तहसील स्तर पर गठित आईआरएस/क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) को मौसम की स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखने और किसी भी घटना की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को देने को कहा गया है। विद्युत, पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य जैसे आवश्यक विभागों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि सेवाएं बाधित न हों।आपातकालीन स्थिति में यहाँ संपर्क करें (Emergency Control Room Numbers)
- यदि आप यात्रा पर हैं और कहीं रास्ते में फंस जाते हैं, या किसी आपातकालीन स्थिति का सामना करते हैं, तो तुरंत इन नंबरों पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं:
- अल्मोड़ा जिला आपदा कंट्रोल रूम: 05962-237172 या 05962-231362
- अल्मोड़ा जिला आपदा मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर: +91-9456594248
- उत्तराखंड राज्य आपदा आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC): 0135-2710335, 0135-2710334
- स्टेट टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1070
- डिस्ट्रिक्ट टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1077
- आपातकालीन पुलिस सहायता: 112
मौसम का ताजा अपडेट: कुमाऊँ से गढ़वाल तक अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
- ऑरेंज और येलो अलर्ट: कुमाऊँ के प्रवेश द्वार नैनीताल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, वहीं अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की आशंका है।
- नदियों का बढ़ता जलस्तर: लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों में नदी-नाले उफान पर हैं। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
मुख्य मार्गों की ताजा स्थिति (अल्मोड़ा, हल्द्वानी व अन्य रूट)
पहाड़ों की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों पर इस समय सफर करना काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पूरे प्रदेश में कई छोटी-बड़ी सड़कें मलबे के कारण बाधित हैं।
1. हल्द्वानी - क्वारब - अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH)
- ताजा स्थिति: क्वारब के पास बने डेंजर जोन की वजह से यह हाईवे बेहद संवेदनशील है। हालांकि, प्रशासन जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के साथ मलबे को साफ कर इस मुख्य मार्ग को सुचारू रखने की कोशिश कर रहा है।
- वैकल्पिक मार्ग का हाल: सुगम यातायात के लिए शुरू किया गया चौसली-क्वारब वैकल्पिक मार्ग जगह-जगह भूस्खलन और भारी बोल्डर गिरने के कारण फिलहाल काफी जोखिम भरा बना हुआ है।
- ब्लॉगर टिप: यदि आप हल्द्वानी से अल्मोड़ा आ रहे हैं, तो मुख्य हाईवे (NH) का ही इस्तेमाल करें, लेकिन क्वारब के पास से गुजरते समय नजरें पहाड़ी पर बनाए रखें।
2. कुमाऊँ की अन्य सड़कें और ग्रामीण रूट
- बागेश्वर और अल्मोड़ा के ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली कई संपर्क सड़कें मलबे के कारण बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए प्रशासन ने युद्धस्तर पर मशीनरी तैनात की है।
- पिथौरागढ़ रूट: तवाघाट-गूंजी राष्ट्रीय राजमार्ग भी गरबाधार के पास भूस्खलन के कारण प्रभावित हुआ है।
पर्यटकों और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
जिला प्रशासन अल्मोड़ा और आपदा प्रबंधन विभाग ने जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपील की है कि:
- अनावश्यक यात्रा से बचें: जब तक बहुत जरूरी न हो, भारी बारिश के दौरान और विशेषकर रात के समय पहाड़ों में सफर करने से बचें।
- नदी-नालों से दूर रहें: उफनते नदी-नालों, बरसाती गदेरों और वॉटरफॉल्स के पास जाने की भूल कतई न करें। रील्स या फोटो खिंचवाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।
- कंट्रोल रूम से संपर्क करें: यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से सड़कों की स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें।

एक टिप्पणी भेजें